देव दीपावली  

देव दीपावली दिवाली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन देवता धरती पर आकर पवित्र गंगा नदी के किनारे दीप जलाते हैं। इस दिन शिव और विष्णु की पूजा की जाती है| कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को देव दीपावली का त्योहार (Dev Deepawali Festival) मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। इसी कारण से इसे 'त्रिपुरी पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है। इस बात की खुशी को दर्शाने के लिए देव दीपावली के दिन सभी देवता धरती पर आकर गंगा किनारे दीप प्रज्वलित करते हैं और इसी कारण से हर साल देव दीपावली का त्योहार मनाया जाता है।

तिथि

कार्तिक पूर्णिमा वर्ष 2020 में 30 नवंबर को मनाई जाएगी। कार्तिक मास का समापन पूर्णिमा के साथ ही हो जाएगा। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन ही देवताओं की दीपावली होती है। देवोत्थान एकादशी के दिन देवता चार महीने सोने के बाद उठते हैं और उनके उठने की खुशी में ही कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली मनाई जाती है, लेकिन 2020 में पूर्णिमा का प्रारंभ 29 नवंबर से ही हो रहा है, इसलिए देव दिपावली इस बार 29 नंवबर को ही मनाई जाएगी, जबकि दान-पुण्य और पूजा आदि पूर्णिमा का 30 नवंबर को होगा। कार्तिक पूर्णिमा को 'त्रिपुरी पूर्णिमा' या 'त्रिपुरारी पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है।[1]

कार्तिक पूर्णिमा तिथि

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 29 नवम्बर, 2020 दोपहर 12 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ होकर अगले दिन 30 नंवबर को दोपहर 2 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। क्योंकि 30 की रात में पूर्णिमा नहीं होगी, इसलिए देव दीपावली 29 को होगी और पूर्णिमा रात से शुरू हो रही है तो पूर्णिमा की पूजा 30 नंवबर को होगी। कार्तिक पूर्णिमा का उत्सव प्रबोधिनी एकादशी से शुरू होता है।

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