महा नवमी  

महा नवमी
विवरण 'नवरात्र' के नौ दिनों में से नौवें दिन को 'महानवमी' कहा जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के नवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है और कन्याओं को भोजन कराया जाता है।
संबंधित देवी सिद्धिदात्री
अनुयायी हिन्दू तथा प्रवासी भारतीय।
धार्मिक मान्यता माँ सिद्धिदात्री सिद्धियाँ प्रदान करने वाली हैं। इनकी पूजा से भक्त की सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।
विशेष माना जाता है कि यदि माँ सिद्धिदात्री अपने भक्त पर प्रसन्न हो जायें तो उसे 26 वरदान प्राप्त होते हैं।
अन्य जानकारी 'महानवमी' के साथ ही आज के दिन भारत के विभिन्न हिस्सों में भगवान राम का जन्म दिवस यानि 'रामनवमी' भी मनाई जाती है। भगवान राम ने आज ही के दिन अयोध्या के राजा दशरथ के घर जन्म लिया था।

महानवमी हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की नवमी या कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की नवमी या फिर मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की नवमी को 'महानवमी' कहा जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले 'नवरात्र' में नवमी की तिथि 'महानवमी' कहलाती है। इस दिन देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा विशेष रूप से की जाती है। यह दुर्गापूजा उत्सव ही है।[1] महानवमी के दिन भक्तजन कुमारी कन्याओं को अपने घर बुलाकर भोजन कराते हैं तथा दान आदि देकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

माँ सिद्धिदात्री

हिन्दू धर्म में विशेष रूप से पूजनीय और नौ दिनों तक चलने वाले 'नवरात्र' का समापन महानवमी पर होता है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के व्रत में हर तरफ़ भक्तिमय माहौल रहता है। नवमी के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है। माँ दुर्गा अपने नौवें स्वरूप में सिद्धिदात्री के नाम से जानी जाती हैं। आदि शक्ति भगवती का नवम रूप सिद्धिदात्री है, जिनकी चार भुजाएँ हैं। उनका आसन कमल है। दाहिनी ओर नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर वाले हाथ में गदा, बाई ओर से नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है। माँ सिद्धिदात्री सुर और असुर दोनों के लिए पूजनीय हैं। जैसा कि माँ के नाम से ही प्रतीत होता है, माँ सभी इच्छाओं और मांगों को पूरा करती हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी का यह रूप यदि भक्तों पर प्रसन्न हो जाता है, तो उसे 26 वरदान मिलते हैं। हिमालय के नंदा पर्वत पर सिद्धिदात्री का पवित्र तीर्थ स्थान है।[2]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (राजधर्म।, पृष्ठ 191-195), राजनीतिप्रकाश (पृष्ठ 439-444); हेमाद्रि (व्रत। 1, 903-920); निर्णयसिन्धु (161-185); कृत्यरत्नाकर (349-364);
  2. 2.0 2.1 2.2 श्रीदुर्गा महानवमी, नवरात्र का अंतिम दिन (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 13 अक्टूबर, 2013।
  3. कृत्यकल्पतरु (व्रत॰ 296-299); हेमाद्रि (व्रत॰ 1, 937-939, यहाँ दुर्गानवमी नाम है); पुरुषार्थचिन्तामणि (134); हेमाद्रि (काल, 107); देखिए गरुड़ पुराण (1|133|3-18 तथा अध्याय 134); कालिकापुराण (अध्याय 62);
  4. श्रीकृष्ण के मुख से माता की स्तुति (हिन्दी)। । अभिगमन तिथि: 13 अक्टूबर, 2013।

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