एक्स्प्रेशन त्रुटि: अनपेक्षित उद्गार चिन्ह "०"।

प्रतिपद व्रत  

 


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. अग्नि पुराण (176, केवल दो व्रत
  2. कृत्यकल्पतरु (35-40
  3. हेमाद्रि (व्रतखण्ड 1, 335-365
  4. कालनिर्णय (140-149
  5. पुरुषचिन्तामणि (56-81
  6. व्रतराज (49-78
  7. हेमाद्रि(कालसार, 614, भविष्य पुराण का उद्धरण
  8. हेमाद्रि, व्रत0 350 ने भी ऐसा ही कहा है
  9. कालनिर्णय (140

संबंधित लेख

वर्णमाला क्रमानुसार लेख खोज

                              अं                                                                                                       क्ष    त्र    ज्ञ             श्र   अः



"https://amp.bharatdiscovery.org/w/index.php?title=प्रतिपद_व्रत&oldid=189027" से लिया गया