जी. सतीश रेड्डी  

जी. सतीश रेड्डी
पूरा नाम गुंद्रा सतीश रेड्डी
जन्म 1 जुलाई, 1963
जन्म भूमि ज़िला नेल्लोर, आंध्र प्रदेश
कर्म भूमि भारत
कर्म-क्षेत्र भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
विद्यालय जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अनन्तपुर

जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद

पुरस्कार-उपाधि 2013 - होमी जे. भाभा स्मृति स्वर्ण पदक

2015 - नेशनल सिस्टम्स गोल्ड मेडल
2016 - नेशनल डिज़ाइन अवार्ड
2016 - नेशनल एरोनॉटिकल प्राइज़
2021 - आर्यभट्ट पुरस्कार

प्रसिद्धि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक
नागरिकता भारतीय
अन्य जानकारी डॉ. जी. सतीश रेड्डी को मिसाइल सिस्टम पर अनुसंधान और उन्हें विकसित करने के लिए भी जाना जाता है। उनका एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों और उद्योगों के विकास में सतत योगदान रहा है।
अद्यतन‎
गुंद्रा सतीश रेड्डी (अंग्रेज़ी: Gundra Satheesh Reddy, जन्म- 1 जुलाई, 1963, नेल्लोर, आंध्र प्रदेश) भारत के प्रतिष्ठित एयरोस्पेस वैज्ञानिक हैं। उनका पूरा नाम गुंद्रा सतीश रेड्डी है। सन 2018 में उन्हें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का चेयरमैन बनाया गया। डॉ.. जी. सतीश रेड्डी ने हमेशा रक्षा प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में स्वदेशी विकास पर वल दिया। उनको भारत में नेविगेशन, उन्नत एवियोनिक्स और मिसाइल प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास के लिए जाना जाता है। उन्हें अंतरिक्ष में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2021 में 'आर्यभट्ट पुरस्कार' प्रदान किया गया था।

परिचय

जी. सतीश रेड्डी ने अग्नि वी प्रोजेक्ट को पूरा करने में अहम भूमिका अदा की थी। डॉ.. रेड्डी को रॉकेट मैन भी कहा जाता है। डॉ. रेड्डी का नाम देश के अग्रणी एयरोस्पेस वैज्ञानिकों में लिया जाता है। उनको देश में प्रौद्योगिकी विकास, वैज्ञानिक खोज को बढ़ावा देने और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अनेक सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें अंतरिक्ष में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2021 में 'आर्यभट्ट पुरस्कार' प्रदान किया गया। देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों द्वारा डॉ.. रेड्डी को डॉ.क्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधियों प्रदान की गई। उनकी नियुक्ति डीआरडीओ के अध्यक्ष पद पर दो साल के लिए हुई थी। लेकिन अगस्त 2020 में उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। वे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के महानिदेशक भी हैं, उनका चौथी पीढ़ी के हल्के लडाकू विमान तेजस का विकास में भी योगदान रहा है। जी. सतीश रेड्डी का नौवहन और वैमानिकी प्रौद्योगिकी में भी उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। अनुसंधान केंद्र के निदेशक के रूप में उन्होंने रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम रक्षा परियोजनाओं पर काम किया।[1]

जन्म

वैज्ञानिक जी. सतीश रेड्डी का जन्म 1 जुलाई, 1963 में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिला अंतर्गत महिमालुरू नामक गाँव में हुआ था। गाँव के एक किसान परिवार में पैदा हुए जी. सतीश रेड्डी ने अपने सतत मेहनत और लगन के बल पर सफलता की ऊंचाई को छुआ। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अनन्तपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की। उसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद से एम.एस. और पीएच.डी की डिग्री हासिल की।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 1.2 1.3 वैज्ञानिक जी. सतीश रेड्डी की जीवनी (हिंदी) nikhilbharat.com। अभिगमन तिथि: 11 जनवरी, 2022।

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