वन्यजीव सप्ताह  

वन्यजीव सप्ताह
विवरण 'वन्यजीव सप्ताह' भारत में केंद्र व राज्य सरकारों, पर्यावरणविदों, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों आदि द्वारा लोगों में वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता में तेज़ीलाने के लिए मनाया जाता है।
देश भारत
तिथि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर
उद्देश्य वन्यजीव व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूक रहना।
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अन्य जानकारी भारत में 1927 में 'भारतीय वन अधिनियम' अस्तित्व में आया, जिसके प्रावधानों के अनुसार वन्यजीवों के शिकार एवं वनों की अवैध कटाई को दण्डनीय अपराध घोषित किया गया।

वन्यजीव सप्ताह प्रतिवर्ष भारत में 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जाता है। केंद्र व राज्य सरकारों, पर्यावरणविदों, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों आदि द्वारा लोगों में वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता में तेज़ीलाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। भारत में विभिन्न प्रजातियों का विशाल भण्डार है, इसलिए भी भारत में कई सम्मेलनों, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रकृति प्रेमियों के बीच सार्वजनिक बैठकों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में बच्चों के लिए वन्यजीवों से संबंधित निबन्ध लेखन, चित्रकला, संभाषण, फ़िल्म स्क्रीनिंग आदि प्रयोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

शुरुआत

वन्य जीवन प्रकृति की अमूल्य देन है। भविष्य में वन्य प्राणियों की समाप्ति की आशंका के कारण भारत में सर्वप्रथम 7 जुलाई, 1955 को 'वन्य प्राणी दिवस' मनाया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 2 अक्तूबर से पूरे सप्ताह तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जाएगा। वर्ष 1956 से वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। भारत के संरक्षण कार्यक्रम की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक मज़बूत संस्थागत ढांचे की रचना की गयी है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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