विश्व पैंगोलिन दिवस  

विश्व पैंगोलिन दिवस
तिथि प्रत्येक वर्ष, फ़रवरी का तीसरा शनिवार
स्तर विश्व स्तरीय दिवस
उद्देश्य पैंगोलिन स्तनधारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना तथा इनके संरक्षण के प्रयासों में तेजी लाना।
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अन्य जानकारी पैंगोलिन स्तनधारियों की संख्या में तेजी से गिरावट जारी है‚ जिनमें प्रमुख रूप से एशिया तथा अफ्रीका के क्षेत्र शामिल हैं। पैंगोलिन फोलिडोटा गण का एक स्तनधारी प्राणी है।
अद्यतन‎
विश्व पैंगोलिन दिवस (अंग्रेज़ी: World Pangolin Day) प्रत्येक वर्ष फ़रवरी माह के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। तारीख के अनुसार ये दिवस साल 2022 में 19 फ़रवरी को मनाया गया। ‘विश्व पैंगोलिन दिवस’ को मनाने का उद्देश्य पैंगोलिन जीव की प्रजाति के मिट रहे अस्तित्व को बचाना है। दरअसल ये जीव उन संकटग्रस्त जीवों की प्रजाति में शामिल है, जिसकी संख्या दिनों-दिन घटती जा रही है। जबकि इसके संरक्षण के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं।

पैंगोलिन

पैंगोलिन एक गहरे-भूरे या पीले-भूरे रंग का शुंडाकार जीव है। यह कुछ-कुछ सांप और छिपकली की तरह दिखाई देता है और स्तनधारी जीवों की श्रेणी में आता है। पैंगोलिन को कई नामों से जाना जाता है। सांप जैसी आकृति होने की वजह से कुछ लोग इसे सल्लू सांप कहकर बुलाते हैं तो शरीर पर शल्क होने के चलते इसे वज्रशल्क के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोग चींटी और दीमक खाने की वजह से इस जीव को चींटीखोर भी कहते हैं। ये एक बेहद सीधा जीव है जो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। पैंगोलिन मुख्य रूप से भारत के उत्तराखंड में पाए जाते हैं। ये जलीय स्रोतों के आस-पास जमीन में बिल बनाकर रहते हैं। ये ज्यादातर एकाकी जीवन जीते हैं। ये चींटी और दीमक खाकर अपना जीवन व्यतीत करते हैं।[1]

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 1.0 1.1 जानिए क्यों मनाया जाता है 'विश्व पैंगोलिन दिवस', क्‍या है उद्देश्य (हिंदी) hindi.news18.com। अभिगमन तिथि: 19 फरवरी, 2022।

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