बेणेश्वर मेला  

बेणेश्वर मेला (अंग्रेज़ी: Baneshwar Fair) राजस्थान के डूंगरपुर में आयोजित होता है। 'आदिवासियों का कुम्भ' नाम से प्रसिद्ध बेणेश्वर मेला भीलों का सबसे बड़ा मेला है जो माघ माह की पूर्णिमा को डूंगरपुर जिले में सोम, माही एवं जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर भरता है।

मान्यता

बेणेश्वर धाम पवित्र स्थान सोम और माही नदी के पवित्र संगम पर स्थित है। इस धर्मस्थल और यहां आयोजित होने वाले वार्षिक मेले को लेकर बड़ी धार्मिक मान्यता है। हर साल करीब पांच लाख से ज्यादा लोग इस मेले में शामिल होते है। इस मेले की खासियत आदिवासियों की मौजूदगी है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात से आदिवासी यहां बड़ी संख्या में पहुंचते है। मान्याता है कि यहां भगवान विष्णु के अवतार मावजी ने तपस्या की थी। मावजी आदिवासियों के पूजनीय है। यही वजह है कि वे अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने से लेकर बच्चों का मुंडन, जडूला, जात आदि संस्कार बेणेश्वर धाम में आकर करते हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

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