खजुराहो  

खजुराहो
विवरण 'खजुराहो' भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त में, छत्तरपुर ज़िले में स्थित एक प्रमुख शहर है, जो अपने प्राचीन एवं मध्यकालीन मंदिरों के लिये विश्वविख्यात है।
राज्य मध्य प्रदेश
ज़िला छत्तरपुर
भौगोलिक स्थिति उत्तर- 24°51, पूर्व- 79°56
मार्ग स्थिति खजुराहो महोबा से 54 किलोमीटर दक्षिण में, छतरपुर से 45 किलोमीटर पूर्व और सतना से 105 किलोमीटर पश्‍चिम में स्‍थित है।
प्रसिद्धि मध्यकालीन मंदिरों के लिये।
कब जाएँ अक्टूबर से मार्च
कैसे पहुँचें हवाई जहाज़, रेल, बस आदि से पहुँचा जा सकता है।
खजुराहो हवाई अड्डा
खजुराहो रेलवे स्टेशन
बस अड्डा
बस, रिक्शा, ऑटो रिक्शा
क्या देखें मंदिर
कहाँ ठहरें होटल, धर्मशाला, अतिथि ग्रह।
क्या खायें नमकीन, जलेबी, मूंग की दाल का हलवा।
क्या ख़रीदें आइरन, पीतल और पत्थर की मूर्तियां।
एस.टी.डी. कोड 07686
ए.टी.एम लगभग सभी
गूगल मानचित्र, हवाई अड्डा (गूगल मानचित्र)
मध्यप्रदेश पर्यटन
अद्यतन‎

खजुराहो वैसे तो भारत के मध्य प्रदेश प्रान्त, छत्तरपुर ज़िले में स्थित एक छोटा-सा क़स्बा है, लेकिन फिर भी भारत में ताजमहल के बाद, सबसे ज़्यादा देखे और घूमे जाने वाले पर्यटन स्थलों में अगर कोई दूसरा नाम आता है तो वह है, खजुराहो। खजुराहो, भारतीय आर्य स्थापत्य और वास्तुकला की एक नायाब मिसाल है। खजुराहो को इसके अलंकृत मंदिरों की वजह से जाना जाता है जो कि देश के सर्वोत्कृष्ठ मध्यकालीन स्मारक हैं। चंदेल शासकों ने इन मंदिरों की तामीर सन 900 से 1130 ईसवी के बीच करवाई थी। इतिहास में इन मंदिरों का सबसे पहला जो उल्लेख मिलता है, वह अबू रिहान अल बरूनी (1022 ईसवी) तथा अरब मुसाफ़िर इब्न बतूता का है।

खजुराहो मन्दिर, मध्य प्रदेश

दरअसल यह क्षेत्र प्राचीन काल में वत्स के नाम से, मध्य काल में जैजाक्भुक्ति नाम से तथा चौदहवीं सदी के बाद बुन्देलखन्ड के नाम से जाना गया। खजुराहो के चन्देल वंश का उत्थान दसवीं सदी के शुरू से माना जाता है। इनकी राजधानी प्रासादों, तालाबों तथा मंदिरों से परिपूर्ण थी। स्थानीय धारणाऑं के अनुसार तक़रीबन एक हज़ार साल पहले यहां के दरियादिल व कला पारखी चंदेल राजाओं ने क़रीब 84 बेजोड़ व लाजवाब मंदिरों की तामीर करवाई थी, लेकिन उनमें से अभी तक सिर्फ़ 22 मंदिरों की ही खोज हो पाई है, यद्यपि दूसरे पुरावशेषों के प्रमाण प्राचीन टीलों तथा बिखरे वास्तुखंडों के रूप में आज भी खजुराहो तथा इसके आसपास देखे जा सकते हैं। पंद्रहवीं सदी के बाद इस इलाक़े की अहमियत ख़त्म होती गई।

मंदिर स्थापत्य

सामान्य रूप से यहां के मंदिर बलुआ पत्थर से निर्मित किए गए हैं, लेकिन चौंसठ योगिनी, ब्रह्मा तथा ललगुआँ महादेव मंदिर ग्रेनाइट (कणाष्म) से निर्मित हैं। ये मंदिर शैव, वैष्णव तथा जैन संप्रदायों से सम्बंधित हैं। खजुराहो के मंदिरों का भूविन्यास तथा ऊर्ध्वविन्यास विशेष उल्लेखनीय है, जो मध्य भारत की स्थापत्य कला का बेहतरीन व विकसित नमूना पेश करते हैं। यहां मंदिर बिना किसी परकोटे के ऊंचे चबूतरे पर निर्मित किए गए हैं। आमतौर पर इन मंदिरों में गर्भगृह, अंतराल, मंडप तथा अर्धमंडप देखे जा सकते हैं। खजुराहो के मंदिर भारतीय स्थापत्य कला के उत्कृष्ट व विकसित नमूने हैं, यहां की प्रतिमाऐं विभिन्न भागों में विभाजित की गई हैं। जिनमें प्रमुख प्रतिमा परिवार, देवता एवं देवी-देवता, अप्सरा, विविध प्रतिमाऐं, जिनमें मिथुन (सम्भोगरत) प्रतिमाऐं भी शामिल हैं तथा पशु व व्याल प्रतिमाऐं हैं, जिनका विकसित रूप कंदारिया महादेव मंदिर में देखा जा सकता है। सभी प्रकार की प्रतिमाओं का परिमार्जित रूप यहां स्थित मंदिरों में देखा जा सकता है।

यहां मंदिरों में जड़ी हुई मिथुन प्रतिमाऐं सर्वोत्तम शिल्प की परिचायक हैं, जो कि दर्शकों की भावनाओं को अत्यंत उद्वेलित व आकर्शित करती हैं और अपनी मूर्तिकला के लिए विशेष उल्लेखनीय हैं। खजुराहो की मूर्तियों की सबसे अहम और महत्त्वपूर्ण ख़ूबी यह है कि इनमें गति है, देखते रहिए तो लगता है कि शायद चल रही है या बस हिलने ही वाली है, या फिर लगता है कि शायद अभी कुछ बोलेगी, मस्कुराएगी, शर्माएगी या रूठ जाएगी। और कमाल की बात तो यह है कि ये चेहरे के भाव और शरीर की भंगिमाऐं केवल स्त्री-पुरुषों में ही नहीं बल्कि जानवरों में भी दिखाई देते हैं। कुल मिलाकर कहा जाय तो हर मूर्ति में एक अजीब सी हलचल है। खजुराहो के प्रमुख मंदिरों में लक्ष्मण, विश्वनाथ, कंदारिया महादेव, जगदम्बी, चित्रगुप्त, दूल्हादेव, पार्श्वनाथ, आदिनाथ, वामन, जवारी, तथा चतुर्भुज इत्यादि हैं।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. 954 ईसवी
  2. 1017-29 ईसवी
  3. खजुराहो (हिन्दी) भारत की आधिकारिक वेबसाइट। अभिगमन तिथि: 13 अक्तूबर, 2010
  4. खजुराहो (हिन्दी) भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण। अभिगमन तिथि: 14 अक्तूबर, 2010
  5. अंकित तिथि 999 ईसवी
  6. निर्माण 1025 - 1050 ई.
  7. खजुराहो (हिन्दी) घमासान डॉट कॉम। अभिगमन तिथि: 14 अक्तूबर, 2010
  8. निर्माण 900 ईसवी
  9. खजुराहो (हिन्दी) नवभारत टाइम्स। अभिगमन तिथि: 14 अक्तूबर, 2010

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