इराक  

इराक दक्षिण पश्चिम एशिया का एक स्वतंत्र राज्य है जो प्रथम महायुद्ध के बाद मोसुल, बगदाद एवं बसरा नामक आटोमन्‌ साम्राज्य के तीन प्रांतों को मिलाकर 1919 ई. में बरसाई की संधि द्वारा स्थापित हुआ तथा अंतरराष्ट्रीय परिषद् द्वारा ब्रिटेन को शासनार्थ सौंपा गया। सन्‌ 1921 ई. में हेज़ाज के राजा हुसेन का तृतीय पुत्र फैज़ल जब इराक का राजा घोषित किया गया तब यह एक सांवैधानिक राजतंत्र बन गया। अक्टूबर, 1932 ई. को ब्रिटेन की शासनावधि समाप्त होने पर यह राज्य पूर्णत: स्वतंत्र हो गया। हाल में ही (जुलाई, 1959 ई. में) सैनिक क्रांति के बाद यह गणतंत्र राज्य घोषित किया गया है। सैनिक क्रांति के पूर्व यह राज्य बगदाद-सैनिक-संधि द्वारा ब्रिटेन, संयुक्त राज्य (अमरीका), तुर्की, जॉर्डन, ईरान एवं पाकिस्तान से संबद्ध था, किंतु क्रांति के बाद यह स्वतंत्र एवं तटस्थ नीति का अनुसरण करने लगा है। इसके उत्तर में तुर्की, उत्तर पश्चिम में सीरिया, पश्चिम में जॉर्डन, दक्षिण पश्चिम में सऊदी अरब, दक्षिण में फारस की खाड़ी एवं कुवैत हैं। निनेवे एवं बैबिलोन के भग्नावशेष आज भी इसके प्राचीन वैभव के प्रतीक हैं। क्षेत्रफल 1,69,240 वर्ग मील है और जनसंख्या 88,00,000 (1968)। बगदाद (जनसंख्या 21,24,323) प्रमुख नगर एवं राजधानी है। बसरा (जनसंख्या 6,73,623), मोसूल (जनसंख्या 9,54,157), किरकक (जनसंख्या 4,62,027) तथा नजफ (जनसंख्या 5,48,830) अन्य मुख्य नगर हैं। जनसंख्या के 96 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म को मानते हैं जिनमें शीया मतानुयायी आधे से कुछ अधिक हैं। राज्यभाषा अरबी है।

इराक तीन भौगोलिक खंडों में विभक्त है:

  1. कुर्दिस्तान (इराक के उत्तर पूर्व का पर्वतीय भाग) जिसके शिखर इराक-ईरान-सीमा पर लगभग 10,000 फुट ऊँचे हैं। इसके अंतर्गत अलसुलेमानियाँ का उर्वर एवं ऊँचा मैदान है। यहाँ के निवासी कुर्द लोग बड़े उपद्रवी हैं।
  2. मेसोपोटेमिया का उर्वर मैदान: मेसोपोटेमिया फरात एवं दजला नदियों की देन है। ये नदियाँ आर्मीनिया के पठार से निकलती हैं तथा क्रमश: 1460 एवं 1150 मील तक प्रवाहित हो शत-अल-अरब के नाम से फारस की खाड़ी में गिरती हैं। 10,000-5,000 ई. पूर्व में ये नदियाँ अलग अलग फारस की खाडी में गिरती थीं। इसका दक्षिणी भाग, बगदाद से बसरा तक, जो लगभग 300 मील लंबा है, ऐतिहासिक काल में प्राकृतिक कारणों से निर्मित हुआ है। यह भाग दलदली है। यहाँ की मुख्य उपज चावल एवं खजूर है। शत-अल-अरब के दोनों तटों पर एक से दो मील चौड़े क्षेत्र में खजूर के सघन वन मिलते हैं। मेसोपोटेमिया के उत्तरी भाग में गेहूँ, जौ एवं फल की खेती है।
  3. स्टेप्स एवं मरुस्थली खंड, जो दक्षिण पश्चिम में 50 से 100 फुट का तीव्र ढाल द्वारा मेसोपोटेमिया के मैदान से पृथक्‌ हैं। इराक की जलवायु शुष्क है। यहाँ का दैनिक एवं वार्षिक तापांतर अधिक तथा औसत वर्षा केवल 10 है। कुर्दिस्तान के पर्वतीय भाग में अल्पाइन जलवायु मिलती है जहाँ वर्षा 25 से 30 तक होती है। फरात एवं दजला की घाटी में रूमसागरीय जलवायु मिलती है तथा फारस की खाड़ी के समीप दुनिया का एक बहुत ही उष्ण भाग स्थित है। इसके दक्षिण पश्चिम में उष्ण मरुस्थलीय जलवायु है। बगदाद का उच्चतम ताप 123° फा. तथा न्यूनतम ताप 19° फा. तक पाया गया है। यहाँ वर्षा केवल 6 होती है। उत्तरी मेसोपोटेमिया में वर्षा 15 तथा दक्षिण पश्चिम में मरुस्थल में 5 से भी कम होती है।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. हिन्दी विश्वकोश, खण्ड 1 |प्रकाशक: नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |संकलन: भारत डिस्कवरी पुस्तकालय |पृष्ठ संख्या: 537-38 |

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