अंतरराष्ट्रीय सचल उपग्रह संगठन  

अंतरराष्ट्रीय सचल उपग्रह संगठन का प्रतीक

अंतरराष्ट्रीय सचल उपग्रह संगठन (अंग्रेज़ी: International Mobile Satellite Organization) सामुद्रिक, हवाई एवं स्थलीय संचलन उद्देश्यों हेतु उपग्रह संचार को विनियमित करता है। इसका मुख्यालय लंदन में स्थित है और अंग्रेज़ी, फ्रांसीसी, रूसी एवं स्पेनिश इसकी आधिकारिक भाषाएँ हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय सचल उपग्रह संगठन का उद्भव 1979 में 'अंतरराष्ट्रीय सामुद्रिक उपग्रह संगठन' के रूप में हुआ। बाद के वर्षों में इन्टरनेट की स्थापना से जुड़ी संधि में बदलाव लाते हुए इस में स्थलीय एवं आकाशीय संचार को भी शामिल किया गया।
  • इनमारसेट को 1994 से आईएमएसओ कहा जाने लगा। बाद में संगठन के कार्यों की सेवाओं के निजीकरण का निर्णय लिया गया, जो 1999 में पूर्ण हुआ, जब एक नवीन कंपनी इनमारसेट लिमिटेड का निर्माण हुआ।
  • आईएमएसओ एक नियामक के रूप में यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी द्वारा अपनी प्रतिबद्धताएं पूर्ण की जा रही हैं या नहीं।
  • जनवरी 2014 तक इसमें 98 सदस्य राष्ट्र थे।
  • आईएमएसओ का उद्देश्य उपग्रहों की एक प्रणाली के द्वारा विश्वव्यापी स्तर पर सुरक्षित एवं वाणिज्यिक अनुप्रयोग के साथ उच्च गुणवत्तापूर्ण सचल संचार सेवाएं उपलब्ध कराना है। संरचना सभा, परिषद एवं निदेशालय इसके प्रमुख अंग हैं।
  • सभा में सभी सदस्य शामिल होते हैं, जो दो वर्ष में एक बार अपनी बैठक करते हैं।
  • 22 सदस्यीय परिषद के 18 सदस्य सर्वाधिक निवेश अंश रखने वाले सदस्य देशों से चुनकर आते हैं, जबकि 4 सदस्यों का चुनाव सभा द्वारा न्यायपूर्ण भौगोलिक वितरण के आधार पर किया जाता है।
  • निदेशालय का प्रधान एक महानिदेशक होता है।
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